Friday, April 27, 2007

कितने लॊग

अमिताभ बच्चन के घर में शादी थी लेकिन इसमें दूसरे धर्म के कितने लॊग आए।

5 comments:

Rising Rahul said...

kam se kam kisi shudra ko to nahi bulaya aur na hi aya, baharhaal hamaare liye itna hi kaafi hai bandhuwar ki aap blog jagat me aaye , swagat hai aapka

dhurvirodhi said...

स्वागत है आपका;
पर क्या आदमी की पहिचान उसके धर्म से होनी चाहिये?

मसिजीवी said...

स्‍वागत है आपका।
कुछ विस्‍तार से लिखें।

36solutions said...

हिन्‍दी चिटठा जगत स्‍वागत है आपका

poonam pandey said...

जो शहंशाह(?)एश्वर्या राय को मांगलिक होने के कारण ईरान से लेकर तुरान तक के मंदिर में ले जा रहा हो और तरह-तरह के यज्ञ करवा रहा हो उससे सामाजिक बराबरी की उम्मीद ही कैसे की जा सकती है। वो सिर्फ रील लाइफ में हीरो हो सकते हैं पर रियल लाइफ में हीरो होने के लिए जमीन से जुड़ा होना बहुत जरुरी है।